अलीगढ़ : जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह ने जनपद के समस्त साहित्कारों को अवगत कराया है कि उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान लखनऊ द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में आवेदन कर सहायता प्राप्त कर कर सकते हैं।
श्री सिंह ने बताया कि साहित्यकार कल्याण कोष योजना के अन्तर्गत विषम आर्थिक स्थितिग्रस्त या रुग्ण साहित्यकार जिनकी समस्त स्रोतों से वार्षिक आय 05 लाख रूपये तक है, अनावर्तक चिकित्सा के लिए पचास हजार तक आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
इसी प्रकार प्रकाशन अनुदान योजना के अन्तर्गत ऐसे रचनाकार
इसी प्रकार प्रकाशन अनुदान योजना के अन्तर्गत ऐसे रचनाकार, जिनकी समस्त स्रोतों से वार्षिक आय पांच लाख तक है, अपनी पाण्डुलिपि के मुद्रण के लिए प्रकाशन अनुदान प्रदान करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि पुस्तक अधिकतम 200 पृष्ठों की हो और पाण्डुलिपि संलग्न करना अनिवार्य है। प्रस्तुत पाण्डुलिपि वापस नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि उक्त दोनों योजनाओं की नियमावली एवं आवेदन पत्र का प्रारूप संस्थान कार्यालय से किसी कार्य दिवस में प्राप्त किया जा सकता है।
संस्थान में प्रार्थना पत्र 21 जुलाई तक जमा किए जा सकते हैं। योजनाओं का विवरण एवं प्रार्थना पत्र का प्रारूप संस्थान की वेबसाईट www.uphindisansthan.in पर उपलब्ध है।